Section 54 of Income Tax Act in Hindi – Capital gains Exemption

Section 54 के बारे में जानने से पहले कुछ Basic Terms का मतलब समझ लेते है| जिससे हमे ये Section और भी अच्छे से समझ आएगा |

Capital Gains on Property – इसका मतलब ये हुआ की Property एक Capital है, उसकी एक अपनी Value है| जब आप Property बेचते हो तो आपको Profit होता है, उसे हम कहते है Capital Gains. और इसपे लगने वाली Tax को Capital Gain Tax कहते है|

Capital Gain दो तरह के होते है :-

  • Short Term Capital Gains
  • Long Term Capital Gain

अगर आप Property जल्दी बेच देते हो तो Short Term Capital Gain होगा | और अगर काफी दिन Hold करने के बाद बेचते हो तो Long Term Capital Gain होगा | और इन दोनों के लिए Tax अलग अलग लगते है|

STCG TAX LTCG TAX
Time > 24 Months < 24 Months
Tax Rate IT Slab Rate 20%
Indexation Benefit No Yes
Exemption No Yes

अगर आपने किसी Property को 24 महीने से कम दिनों तक Hold करते हो तो Short Term Capital gains Tax लगेगा | और अगर 24 महीने से ज़्यादा हो गयी है तो Long Term Capital Gains Tax.

आप Income Tax के किस Slab में Lie करते हो उसके हिसाब से Short Term Capital gains Tax लगेगा |

Long Term Capital Gain में Tax लगभग 20% लगता है|

पर main मुद्दा ये है की, Property बेचने पर जो Capital Gains Tax लग रहा है उसे बचाना है| Tax कैसे बचाए ? यहां पर आता है Income Tax Act का Section 54, 54EC & 54F.

Income Tax Act Section 54.

इसके तहत आपको Residential House Property में लगने वाले Tax से राहत मिलता है| Tax Exempt हो जाता है| चाहे आप Property खरीदो या बेचो |

कौन ये Claim कर सकता है ?

कोई भी Individual या HUF भी |

किस Property के लिए Section 54 Claim कर सकते हो ?

सिर्फ Residential house Property के लिए ही Section 54 Claim कर सकते हो |

  • और कोई Constructed Property होना चाहिए |
  • कोई भी Plot के लिए ये applicable नहीं होगा |
  • Minimum holding period 24 महीने का होना चाहिए |

क्या खरीद सकते हो ?

  • आप 2 Residential Property खरीद सकते हो | जिसमे आपको Tax Exempt मिल जाएगा |
  • Plot नहीं खरीद सकते | इसमें Tax Exempt नहीं मिलेगा |
  • किसी भी Property की Purchase या Construction के लिए अपना Capital Gain का इस्तेमाल कर सकते हो |

Time Limit

Property बेचने के 1 साल पहले कोई Property खरीदी हो या बेचने के 2 साल बाद कोई Property खरीद ली हो | तो उसमे भी Tax benefit मिल जाएगा |

अगर 3 साल के अंदर आपकी कोई Property Construct हो के Complete हो जाती है, तो भी Tax Exempt मिल जाएगा |

Other Conditions :-

  • आपकी जितनी Capital Gains होगी, बस उतने ही पैसो में Tax benefit मिलेगा |
  • Maximum Capital Gain 2 Crore का ही होना चाहिए |
  • पूरी ज़िन्दगी में बस एक बार आप Section 54 का Claim कर सकते हो |
  • अगर आप कोई नई Property को 3 साल के अंदर बेच देते हो | तो जो भी Tax Exempt मिला था वो Reverse हो जाएगा | वो सारा Tax लग जाएगा |
  • जो भी आपका Capital Gains Amount होगा उसे आपको Capital Gains Account Scheme में रखना है| तभी Tax Exempt का benefit मिल पाएगा | अगर आपने Saving Account में रखा तो Tax कटेगा |

Money Laundering in Hindi

Income Tax Act Section 54EC

इस Section के तहत भी House Property में Tax Exempt का benefit मिल जाता है|

Who Can Claim ?

कोई भी Claim कर सकता है|

Capital Asset to Buy or Sell

Stocks, Bonds, MFs, House Property, Commercial Property, Plot etc. सभी में Tax Exempt का benefit मिलेगा |

Minimum Holding Period 3 साल का होना चाहिए |

कहाँ Invest कर सकते हो ?

NHAI(National Highways Authority of India) और REC(Rural Electrification Corporation) के special Bonds होते है| अगर आप इनमे Invest करते हो, तो ही आपका Tax Exempt होगा | और Minimum आपको 5 साल तक Hold करना होगा |

Time Limit

  • कोई Assets बेचने के बाद आपको 6 महीने के अंदर ही Invest करना होगा |
  • Maximum 50 लाख तक का Investment कर सकते हो |
  • जो आपने Capital Gain किया है बस उसी में Tax Exempt मिलेगा |

Other Important Points

  • अलग से Capital Gains Account खोलवाने की ज़रूरत नहीं है|
  • इन Bonds में 5.5 – 6% तक का ही Return मिलता है| जो की Taxable होता है|

Income Tax Act Section 54 F

Who Can Claim ? / Conditions

  • कोई भी Individual / HUF Claim कर सकता है|
  • House Property को छोर के बाकी सारे Assets की Sell पे Tax Exempt मिलेगा |
  • जो Person इस Section के लिए Claim कर रहा है, उसके पास 1 House Property से ज़्यादा नहीं होना चाहिए |
  • Residential House Property Purchase या Construction पर ही Tax Exempt होगा | Plot खरीदने पर नहीं |
  • Property बेचने के 1 साल पहले कोई Property खरीदी हो या बेचने के 2 साल बाद कोई Property खरीद ली हो | Tax Exempt होगा |
  • 3 साल तक की Maximum Construction Period है|
  • आप अपनी Assets को जितने में भी बेचोगे, वो सारा पैसा Invest करना होगा 100 Tax Exempt के लिए | अगर आप सिर्फ Capital Gain amount ही Invest करते हो, तो Tax Exempt भी आधे पैसो पे मिलेगा |
  • अगर आप कोई नई Property को 3 साल के अंदर बेच देते हो | तो जो भी Tax Exempt मिला था वो Reverse हो जाएगा |
  • Capital Gain Account Scheme में ही पैसा Deposit कर के रखना होगा |

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