I HATE MY PARENTS -Youth Problem

आज हम बात करेंगे इस Youth की एक छोटी सी Problem के बारे में | ये Problem 16 से 22,23 उम्र के बच्चो में ज्यादा दिखाई देता है, की Suddenly वो अपने Parents से नफरत करने लगते है| बातें बंद, घर भी नहीं जाना है और लड़ाई हो रही है Parents से |

मुझे घर जाने का मन नहीं करता

मैं यहां पर STUDENT की बात कर रहा हूँ जो लोग घर से बाहर रहते हैं| उनमे से कुछ तो ऐसे होंगे जो लोग अपने घर को ज़रूर MISS करते होंगे, उन्हें बड़ा याद आता होगा अपना घर | ये वो लोग होंगे जिन्होंने अभी तक ज़्यादा समय घर में ही बिताया हो | और कुछ लोग ऐसे होंगे जिन्हे घर आने का बिलकुल मन नहीं करता होगा तो आज मैं उनकी बात करूँगा |

मुझे कुछ अंदाजा तो है, की आपको क्यों घर जाने का मन नहीं करता है ये वो लोग है जिन्होंने अपने घर से ज्यादा, बाहर रहे होंगे, अपने दोस्तों के साथ ज्यादा Time SPEND किया हो |

कुछ लोगो के मन में ये बातें आ रही होंगी की ये लोग घर से बाहर ज्यादा रहते है फिर भी इन्हे घर जाने का मन क्यों नहीं करता?? बहुत सारी वजह हो सकती है पर जितना मुझे समझ में आता है मैं ज़रूर उनके बारे में बात करूँगा |

Poor Family

कुछ लोगों का मन घर जाने को करता तो है पर वो जाना नहीं चाहते | क्यूंकि, शायद वो एक POOR FAMILY से BELONG करता होगा | उसके PARENTS बहुत मुश्किल से उन्हें पढ़ा पा रहे होंगे, बहुत मुश्किल से उन्हें हर महीना पैसे भेज पाते होंगे, तो उससे ये सब तकलीफे अपने पेरेंट्स का देखा नहीं जाता होगा और उसे बार-बार QUIT करने का मन करता होगा पर कर तो नहीं सकता ना |

और ऐसे में अगर आप घर चले जाये तो कुछ लोग पूछ ही लेते है बेटा कुछ करते हो या नहीं और Parents भी यही उम्मीद में रहते है की कब मेरे बच्चो का JOB लगेगा | ऐसे में हमे भी अच्छा नहीं लगता एक ही चीज़ बार-बार कहने में और PARENTS की तकलीफे भी बढ़ जाती है ऐसे में | तो कुछ लोग ऐसे में अपने आप से मान लेते है की जब कुछ कर नहीं लेता घर मै नहीं जाऊंगा |

आदत से लाचार

कुछ लोग जो बचपन से ही बाहर रहे होंगे उन्हें घर में रहने में थोड़ी तकलीफ आ सकती है मैं बताता हूँ कैसे, देखो अगर आप बाहर रहते हो तो आपको बोलने वाला कोई नहीं होता है और अगर कोई आपको ज़्यादा बोले तो पक्का है की लड़ाई तो होना ही है चाहे टीचर हो या कोई और फरक नहीं पढता |

आप अपनी मर्ज़ी का मालिक होते है | ना खाने का Time, ना सोने का Time और ना ही उठने का, जब जो मन कर रहा है तब | और SCHOOL,COLLEGE का भी वही, मन कर रहा है तो जा रहे है वरना नहीं जा रहे है|

अब आप बताओ ऐसी ज़िन्दगी के बाद अगर आप घर आते हो तो तकलीफे होंगे की नहीं?? जाहिर सी बात है होंगे ही | क्यूंकि घर में रहने का कुछ नियम-कानून है आपको सुबह 6 या 7 बजे उठना ही है नहीं तो गाली का ALARM तो उठा ही देगी और ज़्यादा हुआ तो जूते-चप्पल भी चल सकते है| और बाकी का दिन भी हमे गाली खा-खा के बितानी पड़ती है|

और क्यूंकि हम बचपन से ही बाहर रहे है ” हमे ज़्यादा किसी की  सुनने की आदत नहीं होती है और घर वाले तो चुप होंगे ही नहीं, और क्यूंकि हमारा लक्षण ही ऐसा है और आप कितने दिन ही IGNORE कर पाओगे तो ऐसे में फिर लड़ाईया होने लगती है| और हमे ये लक्षण FOLLOW करते हुए बरसो हो गए है तो हमे भी अपने COMFORT ZONE से तुरंत बाहर आने में तकलीफ होती है|

उप्पर मैंने जो भी दो वजह दी है ये तो फिर भी Adjustable है| Compromise किया जा सकता है| पर, अगर ये Last वाला है तो दिक्कत है मतलब बहुत दिक्कत फिर तो है|

I HATE MY PARENTS – फालतू का घरवालों से नफरत, क्यों ?

आजकल कल के जो बच्चे है 18 से 22 साल के लगभग, उन्हें BIKE चाहिए DSLR CAMERA चाहिए और एक FIXED AMOUNT OF MONEY हर महीने चाहिए ही चाहिए|

अब सभी के PARENTS ये सब कुछ AFFORD तो नहीं कर सकते है और कुछ के PARENTS तो उन्हें POCKET MONEY भी नहीं दे पाते है| ऐसे में कुछ बच्चे ये समझ नहीं पाते है की उनके PARENTS इतना FINANCIAL STABLE नहीं है| और क्यूंकि उनके Parents उन्हें कुछ दे नहीं पाते है उनका पसंद का, तो ऐसे में वो अपने घर वालों से बातें करना कम कर देते है और फिर उन्हें थोड़े-थोड़े नफरत होने लगते है अपने घर वालों से और लगभग बातें तो बंद हो ही जाती है घर जाना भी बंद कर देते है|

देखो सबसे पहली बात तो ये कोई Problem नहीं है ये Reality है| और आप sorry तुम Reality से भाग नहीं सकते | तुम्हारी ज़िन्दगी तुम्हारे हाँथ में है अगर तुम्हे लगता है की ये Problem है तो मेहनत करो और अपने हक़ से जीना सीखो | क्यूंकि मेरे और तुम्हारे घरवालों के पास इतने पैसे नहीं है की वो हमे सब कुछ दे सके |

तो ऐसे बच्चो से मैं कहना चाहता हूँ की घर से बाहर रहकर ये पता नहीं चलता है की आपकी असली औकाद क्या है| मैं चाहता हूँ की, ऐसे समय में आप घर जाओ और देखो घर का क्या हाल है| ऐसा नहीं होता है की घर वाले आपको पैसा नहीं दे रहे है और वो लोग फुल मौज़ में है |आप घर जाओगे तो महसूस कर पाओगे की आपकी छोटी-छोटी चीज़ो को ही पूरा करने के लिए आपके PARENTS कितने SACRIFICE कर रहे है| तो इसीलिए फालतू का नफ़रत पैदा नहीं करना है क्यूंकि इससे कुछ हासिल नहीं होगा |

i hate my Parents - Youth Problem

अगर आपको पता भी है की मेरे घर में PROBLEM है फिर भी मैं चाहता हूँ की आप उस PROBLEM को अपने आँखों से देखे क्यूंकि पता होना और देखना,महसूस करना इसमें ज़मीन आसमान का फरक होता है| सच्चाई को Accept करना सीखो | जब आप देखोगे,महसूस करोगे तो बात दिल में लगती है| और इसी Time पे एक आग दिल में लगती है जो तब तक नहीं बुझती है जब तक आप एक काबिल इंसान नहीं बन जाते | और इतना काबिल की दुनिया की सबसे महंगी चीज़ भी सस्ती लगने लगे |

तो इसलिए घर से दुश्मनी मत कीजिए | और घरवालों से NAFRAT, कोई मतलब ही नहीं बनता है|

कम उम्र में अपने बच्चे को घर से अलग मत कीजिए |

अगर आप एक Parents है तो, ये एक छोटी सी चीज़ मैं आपसे कहना चाहता हूँ – अपने बच्चे को कम उम्र में घर से अलग मत कीजिए | मुझे पता है बिना कोई खास वजह का कोई भी parents अपने बच्चो को कम उम्र में घर से अलग नहीं करेंगे | आपकी वजाएँ,कारणे बहुत सारे हो सकते है जैसे – आपका बच्चा गलत संगत में लग गया हो, पढाई नहीं करता हो, किसी की बात नहीं सुनता ……… और बहुत सारे हो सकते है|

i hate my Parents - Youth Problem

पर एक चीज़ पता है आपको – जब आप अपने बच्चो को कम उम्र में घर से अलग कर देते है न, और ऐसा हो जाता है की आपका बच्चा घर से ज़्यादा बाहर रह जाता है मतलब आप भी अपने बच्चे को बढ़ते हुए भी नहीं देख पाते हो |

जब बच्चा इतना दिन बाहर रह जाता है न तो, उसके अंदर की Emotional Feeling अपने ही लोगों के लिए बहुत कम हो जाती है लगभग नहीं के बराबर | क्यूंकि घर का कोई Memories ही नहीं है| आपको खुद के लोग अंजान लगने लगते है|आपके और आपके घर वाले के बीच में एक बहुत बड़ा Gap बन जाता है|

ऐसे में एक बच्चा अपने Parents से एक छोटी सी चीज़ भी Share नहीं कर पाता है| बताओ ऐसे Family की क्या Value रह जाएगी | घर पर सारे लोग है पर अंजान | Communication करना ही बहुत मुश्किल हो जाता है|आप न सिर्फ अपने Parents से दूर हो जाते हो बल्कि पुरे खानदान से | 10 Min Phone में बात करने से कुछ फर्क नहीं पड़ता है|

i hate my Parents - Youth Problem

ठीक है अगर आप अपने बच्चे के Future के लिए आप उन्हें बाहर भेज दिए, पर जब भी वो छुट्टियों में घर आए न तो Please उन्हें अपने नाना-नानी, दादा-दादी के साथ Time Spend करने दे | आप खुद भी उनके साथ Time Spend करे | अगर आप बाहर शहर में रहते है तो Please उन्हें अपना गांव ले जाये | खुद के लोगों के साथ Time Spend करने दे | तभी Family की अहमियत समझ पाएंगे | Emotionally Connect होना बहुत ज़रूरी है|

यही कुछ बातें थी जो मैंने अपने दिल से इस Youth को और इस Youth के Parents को लिखा है| I Hope आपके भी दिल तक बात पहुंची होगी | अगर अच्छा लगे तो Share ज़रूर करना Subscribe भी कर ही लो | और बहुत सारे Category के उप्पर मैंने Article लिख रखा है| आप पढ़ सकते हो |

>> पढाई में मन नहीं लगता है, क्या करें ?

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